Tuesday, November 18, 2014

उड़न खटोला २

बहुत हैं जहां मेरे इस आसमां के परे...

की गिन लूँ चाहे जितना, कम होते नहीं हैं सितारे !

Saturday, September 7, 2013

मैं हूँ ना !

नम कर गया वोह नमक, आँखों में फिर न आएगा,
भौं पे ठहर जाती सिलवटें, मेरी हथेलियों में ही सिमट जायेंगी,

कभी लंगड़ाये कदम तेरे, भूल ही जायेंगे गिरने का सबब,
मेरे काँधे और बाजुओं की पकड़ महसूस करेंगे जब !

Wednesday, October 24, 2012

Ainve hi

- Human beings' deepest need is the need to be needed.

- A sexist equation :
                1 Manday = X Womandays ; x ϵ (1,∞)

- Application of probability to daily life improves the quality of decision making.

Sunday, May 6, 2012

कल्पवास

आधी सड़क,
चौड़े अरमान!
गर्दन की मोच,
और ऊंचे सम्मान!
मीठे से रस,
पर जली ज़बान!
शब्दों में तीर,
तो टूटे कमान!

रात की सफेदी,
पर अँधा ही चाँद!
छिछले पानी में,
गहरी छलांग!
कटुता अपार,
पर प्यारा सा स्वांग!
ना पाने की फ़िराक ,
कोई करे तो मांग!

सूखे से पानी को,
सागर की प्यास !
भुलाई उम्मीद
को आजमाने की आस,
लम्बी होती राहों पर
खड़ा, थका, बदहवास !
चिथड़ी सी जेबों में,
टटोले दो मुट्ठी उल्लास !!

Sunday, April 29, 2012

अब !!

रेशम सी रूह लेकर आग़ाज़ 
किया था मंजिलों की कूच का,
बदलती राहों में कुछ कीड़े 
उठा लिए मगर,
ऐसा छलनी किया कमबख्तों ने की,
हमेशा से चाहे हुए एहसास भी,
आर पार निकल जातें है अब !!



Friday, January 14, 2011

अनछुआ स्पर्श

 कल रात किवाड़ पर कुछ हरकत सुनी थी,
 सोच के सो गया की शायद तुम वापस आ गयी,
 सुबह तुम्हारी खुशबू बहुत ढूंढी,
 पर कुछ रुक्खों के सिवा कुछ मिला ही नहीं !

 अचानक वोह समय याद आया जब जाने के बाद,
 तुम्हारी याद चली आती थी साथ निभाने के लिए,
 जुर्रत तो देखिये, अब मुझे खड़ा देख,
 वोह भी रस्ते बदल लेती है !